सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची श्री गणेश आरती लिरिक्स

आरती संग्रह सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची श्री गणेश आरती लिरिक्स
Singer – Anjali Jain

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची,
नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची,
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची,
कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची,
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती,
दर्शनमात्रे मन कामना पुरती,
जय देव जय देव।।

रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा,
चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा,
हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा,
रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया,
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती,
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती,
जय देव जय देव।।

लंबोदर पितांबर फनी वरवंदना,
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना,
दास रामाचा वाट पाहे सदना,
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवंदना,
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती,
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती,
जय देव जय देव।।

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको,
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको,
हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको,
महिमा कहे न जाय लागत हूं पदको,
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता,
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता,
जय देव जय देव।।

अष्टौ सिद्धि दासी संकट को बैरि,
विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी,
कोटीसूरजप्रकाश ऐसी छबि तेरी,
गंडस्थलमदमस्तक झूले शशि गहरी,
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता,
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता,
जय देव जय देव।।

भावभगत से कोई शरणागत आवे,
संतत संपत सबही भरपूर पावे,
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे,
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे,
जय जय जी गणराज विद्या सुखदाता,
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता,
जय देव जय देव।।

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची,
नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची,
सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची,
कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची,
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती,
दर्शनमात्रे मन कामना पुरती,
जय देव जय देव।।

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