अंधेरो में बनके जो आया उजाला वो है खाटू वाला भजन लिरिक्स

अंधेरो में बनके जो आया उजाला,
वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला।।

भटकता रहा मैं मिला ना ठिकाना,
हालत पे मेरी हँसता जमाना,
दर दर भटकते को जिसने संभाला,
दर दर भटकते को जिसने संभाला,
वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला।।

बेबस बड़ा हूँ जिद पे अड़ा हूँ,
दीनो के दाता तेरे दर पे खड़ा हूँ,
जिसके भरोसे सौंपा जीवन ये सारा,
जिसके भरोसे सौंपा जीवन ये सारा,
वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला।।

नज़र हुई तेरी रौशनी मिली है,
उम्मीदों की फिर से कलियाँ खिली है,
जिसकी दया से महके गुलशन हमारा,
जिसकी दया से महके गुलशन हमारा,
वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला।।

नहीं कोई मुझको किसी से शिकायत,
मुझ पे है मेरे श्याम की इनायत,
‘अभिषेक’ ‘निर्मल’ को जिसने संवारा,
‘अभिषेक’ ‘निर्मल’ को जिसने संवारा,
वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला।।

अंधेरो में बनके जो आया उजाला,
वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला।।

कृष्ण भजन अंधेरो में बनके जो आया उजाला वो है खाटू वाला भजन लिरिक्स
तर्ज – तुम्ही मेरे मंदिर।

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