अनंत चतुर्दशी का आया पावन त्यौहार भजन लिरिक्स

अनंत चतुर्दशी का आया पावन त्यौहार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार।।

कृष्ण ने युधिष्ठिर को,
दिए ये सुझाव थे,
व्रत पांडवो ने तब,
रखे बड़े भाव से,
किया पांडवो ने तब,
कौरव का रण में संहार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार,
अनन्त चतुर्दशी का आया पावन त्यौहार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार।।

भाद्रपद मास शुक्ल,
पक्ष की चतुर्दशी,
अष्टदल कमल केसर,
कलश और कुमकुम हल्दी,
चौदह गाँठ का धागा,
विष्णु को बांधे संसार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार,
अनन्त चतुर्दशी का आया पावन त्यौहार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार।।

अग्नि पुराण कहे,
महिमा है भारी,
दाएं हाथ पुरुष बांधे,
वाम हाथ नारी,
जेडी देवेंदर राघवेंदर का,
होगा तारणतार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार,
अनन्त चतुर्दशी का आया पावन त्यौहार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार।।

अनंत चतुर्दशी का आया पावन त्यौहार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार,
विष्णु जी का व्रत है,
जिसकी महिमा अपरम्पार।।

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