अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली लिरिक्स

।। दोहा ।।
सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोस्तुते।

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली।
तेरे ही गुण गाएँ भारती।
ओ मैया हम सब ,
उतारें तेरी आरती।

तेरे जगत के भक्त जनन पर ,
भीड़ पड़ी है भारी माँ
दानव दल पर टूट पड़ों माँ,
करके सिंह सवारी।
सौ-सौ सिहों से तू बलशाली ,
अष्ट भुजाओं वाली।
दुस्टो को पल में सङ्गरति।
ओ मैया हम सब,
उतारें तेरी आरती।
अम्बे तू है ….

माँ बेटे का है इस जग में,
बड़ा ही निर्मल नाता।
पूत कपूत सुने है पर ना,
माता सुनी कुमाता।
सब पे करूणा दर्शाने वाली,
अमृत बरसाने वाली।
दुखियों के दुखड़े निवारती।
ओ मैया हम सब,
उतारें तेरी आरती।
अम्बे तू है ….

नहीं माँगते धन और दौलत ,
ना चाँदी ना सोना ।
हम तो मांगें माँ तेरे मन में,
एक छोटा सा कोना।
सबकी बिगड़ी बनाने वाली,
लाज बचाने वाली।
सतियों के सत को सवांरती।
ओ मैया हम सब ,
उतारें तेरी आरती।

अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली।
तेरे ही गुण गाएँ भारती।
ओ मैया हम सब ,
उतारें तेरी आरती।

lakhbir singh lakha bhajan video

अम्बे तू है जगदम्बे काली जय दुर्गे खप्पर वाली, ambe tu hai jagdambe kali aarti lyrics ambe mata aarti lyrics
माता जी की आरती लिरिक्स
भजन :- अम्बे तू है जगदम्बे काली
गायक :- लखबीर सिंह

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