आवरा में घणी मोटी धाम मैया जी भजन लिरिक्स

आवरा में घणी मोटी धाम मैया जी,
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी,
सात भाया रे बीच बेनड लाडली,
ओ केशर बाई घणी खम्मा,
बाई केशर घणी खम्मा,
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी।।

आशा जी का घर में पधार,
पालनीये झुल्या घणी खम्मा,
हिण्डा पर हिण्ड्या घणी खम्मा,
राठौड़ वंश अवतार मैया जी,
राठौड़ वंश अवतार मैया जी।।

कुल तो किदो है ऊंचो नाम,
जग जरणी अम्बा घणी खम्मा,
करती भुज लम्बा घणी खम्मा,
डूबती नैया ने लेवे थाम मैया जी,
डूबती नैया ने लेवे थाम मैया जी।।

मीरा री धरा है मेवाड़ में,
ओ परचा भारी घणी खम्मा,
आवे नर नारी घणी खम्मा,
ऊंचा ऊंचा विकट पहाड़ मैया जी,
ऊंचा ऊंचा विकट पहाड़ मैया जी।।

पांगला पंगु बांधा आवीया ओ,
चाले दौडे घणी खम्मा,
चौडे धाडे घणी खम्मा,
गूंगा माता रे आगे गाय मैया जी,
गूंगा माता रे आगे गाय मैया जी।।

राकेश मनोज जगन्नाथ,
माता के चरना माता घणी खम्मा,
रेवे है शरना घणी खम्मा,
नारायण जोडे दोनों हाथ मैया जी,
नारायण जोडे दोनों हाथ मैया जी।।

आवरा में घणी मोटी धाम मैया जी,
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी,
सात भाया रे बीच बेनड लाडली,
ओ केशर बाई घणी खम्मा,
बाई केशर घणी खम्मा,
आवरा मे घणी मोटी धाम मैया जी।।

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