एकण बार आइजो सतगुरु भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
संत हमारे सिरधणी , मैं संतन की देह ।
रोम – रोम में रम रया , प्रभु ज्यूं बादल में मेह ।।

एकणवार आइजो ,
सतगुरुवारम्वार आइजो ।
धिनगुरुसाम्हारे देश में ओजी ॥

सतगुरु म्हारा फुलड़ारे ,
धिन गुरुम्हारा फुलड़ा ।
कोई फुलडाँ मोयली वासना ओजी ।
एकणवार आइजो। ……

सतगुरु म्हारीगंगारे ,
धिनगुरु म्हारीगंगा ।
कोई गंगा मोयलीगोमती ओजी ।
एकणवार आइजो। ……

सतगुरु म्हारी माळारे ,
दाता म्हारी माळा ।
कोई माळा मोयला मुंगिया ओ जी ॥
एकणवार आइजो। ……

सतगुरु म्हारा देवळरे ,
धिन गुरु म्हारा देवळ ।
कोई देवळ मोयला देवता ओजी ॥
एकणवार आइजो। ……

सत गुरुम्हारा बादळ रे ,
धिनगुरुम्हारा बादळ ।
कोई बादळ मोयली वीजळी ओजी
एकणवार आइजो। ……

सतगुरु रो परतापओ ,
म्हारे धिनगुरु रो परताप ।
कोई जीवण जोशी बोलिया ओ जी ।
एकणवार आइजो। ……

एकण बार आइजो सतगुरु.satguru ke bhajan. gajendra rao bhajan. ekan bar aavo satguru

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