ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मेरा भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सतगुरु मेरी आत्मा ,में सतगुरु की देन।
रोम रोम में रम गया , ज्यो बादल में मेग।।

ऐसा ऐसा लगन लिखिया गुरु जी मारा ,
ऐसा ऐसा लगन लिखिया है।
जनम जनम से कुवारी मारी सुरता ,
अब के ब्याह रचाया है।

हरी नाम की हल्दी लगाई ,
चित का चन्दन लगाया है।
दया धर्म की मेहँदी लगाई ,
लाल लाल रंग आया है।
ऐसा ऐसा लगन। …..

आला नीला बॉस कटाया ,
मितिया सु मंडप सजाया है।
पांच पचीस बैठी सहेलिया ,
मिल के मंगल गाया है।
ऐसा ऐसा लगन। …..

धूम धडाका सु चढ़ी बराता ,
बैंड बाजा बजाया है।
आगे आगे ढोल बजत है ,
बारातियो को नचाया है।
ऐसा ऐसा लगन। …..

सूरत दुरत में फेरा फरिया ,
ओ कन्या दान कराया है।
सतगुरु सरने धर्म राज बोलिया ,
बिन्द परन घर आया है।
ऐसा ऐसा लगन। …..

Aisa aisa लगन लिखिया गुरु जी मारा ,
ऐसा ऐसा लगन लिखिया है।
जनम जनम से कुवारी मारी सुरता ,
अब के ब्याह रचाया है।

https://www.youtube.com/watch?v=0fTF73Yj6qk

ऐसा ऐसा लगन लिखाया गुरुजी मेरा भजन aisa aisa lagan likhaya guruji janam janam ki kuwari mhari surta dhanraj joshi bhajan

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