ऐसो नहीं है जन्म बारंबार भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
दरिया सतगुरु भेटिया , जहा दिन जनम सनात।
स्वर्णा सबद सुनाय के , तुम सत किन नहात।

पूरबले पुण्य पायो रे प्राणी ,
मानुष जनम अवतार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।

गरब में तुम कौल कियो रे,
भूल्यो फिरे गँवार।
उत्तर काई देवसी रे,
साहिब के घर बार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।
पूरब ले ….

घटते पल पल बढ़ते छिन छिन,
जाता नहीं लागे वार।
तरुवर से पण गिर पड्यो रे ,
भँवरी ना लागे उन भार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।
पूरब ले ….

भवसागर अति उंडो भरियो रे,
बाह रह्यो मँझधार।
राम नाम की बैठ नैयाँ में,
उतरो भव जल पार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।
पूरब ले ….

काम क्रोध मद लोभ में रे,
मोह बंध्यो संसार।
दास मीरा लाल गिरधर,
केवल नाम अधार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार।

पूरब ले पुण्य पायो रे प्राणी ,
मानुष जनम अवतार।
ऐसो नहीं है जनम बारम्बार

सुनीता स्वामी के भजन video

ऐसो नहीं है जन्म बारंबार aiso nhi hai janam barambar sunita swami chetavni bhajan
राजस्थानी चेतावनी भजन लिरिक्स
भजन :- ऐसो नहीं है जनम बारंबार
गायिका :- सुनीता स्वामी

Leave a Reply