ओ पवन वेग से उड़ने वाले भजन लिरिक्स

ओ पवन वेग से ,उड़ने वाले घोड़े ,
तुझ पे सवार है जो ,
मेरा सुहाग है वो ,
रखियो रे आज उणरी लाज ,
ओ पवन वेग से उड़ने वाले घोड़े ।

थारे कन्धा पे मैं तो ,
सोपियो सुहाग ने।
मिटवा नी दीजे चेतक ,
भरियोड़ी इण मांगने ।
दीजे तू साथ चेतक ,
रणभूमि रे मायने।
बुझवा मत दीजो राणा ,
मुगलां री इण आगने ।
सोळा सिणगार म्हारा ,
जीणे रा आधार म्हारा ,
जीतने थे रणसुं आवजो ॥

मुगलां रे खून सूं ,
थे मुगलां ने नहला दीजो।
हल्दी घाटी में ढेर ,
लाशां रो लगा दीजो ।
जीत रो झण्डो थे तो ,
केसरियो लहरा दीजो।
मान मेवाड़ रो थे ,
सिरदारां बढा दीजो ।
साथीडाँ साथ थांणी ,
तलवारां हाथ थांणी ,
अमर थे नाम कमा वजो

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भजन :- ओ पवन वेग से उड़ने वाले
गायक :- प्रकाश माली

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