कंचन वाली काया रे लिरिक्स

।। दोहा ।।
राम किसी को मारे नहीं , नहीं है पापी राम।
अपने आप मर जावसी ,कर कर खोटा काम।

~ कंचन वाली काया भजन ~

कंचन वाली काया ओ ,
सेलाणी मेतो पावणा। २
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला। …. २

लेणा वे जो लेलो ये ,
जगत वाला मेला मु। २
मेलो ये बिछड़िया बाद,
फेर पछता वाला।
कंचन वाली काया ओ ,
सेलाणी मेतो पावणा। २
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला। …. २

लेणा वे जो लेलो ये ,
लावा ये थारा हाथा सु। २
करलो भलाई वालो काम ,
जगत जस पवाला।
कंचन वाली काया ओ ,
सेलाणी मेतो पावणा। २
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला। …. २

अमृत वाणी बोलो ये ,
मोटा वाली जीवा सु। २
आवे -आवे फूलड़ा री बास ,
अमर होई जावाला।
कंचन वाली काया ओ ,
सेलाणी मेतो पावणा। २
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला। …. २

गाणा वे जो गालो ये ,
गुरासा वाला गीतड़ला। २
भैरव भजन मन संग,
भव से तीर जावाला।
कंचन वाली काया ओ ,
सेलाणी मेतो पावणा। २
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला। …. २

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