कईया रूस्या हो थे म्हासु म्हारा श्याम भजन लिरिक्स

कईया रूस्या हो थे,
म्हासु म्हारा श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी,
था बिन लागे नाही,
मनड़ो म्हारो श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी।।

जद सु आयी चौखट थारी,
दर्शन पायी श्याम,
काज हुया सगळा गरीब का,
हो गया सारा काम,
बांह पकड़ले म्हारी,
आके म्हारा श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी,
कईया रूस्यां हो थे,
म्हासु म्हारा श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी।।

मत ना होवो श्याम धणी थे,
अपणा सु नाराज,
थासु चाले म्हारो जीवन,
थासु म्हारी लाज,
थान याद करूँ मैं,
नित सुबहो शाम,
मनाऊं थाने श्याम धणी,
कईया रूस्यां हो थे,
म्हासु म्हारा श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी।।

थे छो म्हारा श्याम धणी,
कलयुग का लखदातार,
ई कलयुग में थारी चर्चा,
कोई ना पायो पार,
‘अविनाश’ थाने,
नित उठ करे प्रणाम,
मनाऊं थाने श्याम धणी,
कईया रूस्यां हो थे,
म्हासु म्हारा श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी।।

कईया रूस्या हो थे,
म्हासु म्हारा श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी,
था बिन लागे नाही,
मनड़ो म्हारो श्याम,
मनाऊं थाने श्याम धणी।।

कृष्ण भजन कईया रूस्या हो थे म्हासु म्हारा श्याम भजन लिरिक्स
तर्ज – म्हने पिहरियो सो लागे।

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