कबीरा कबसे भयो बैरागी भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
जो बुझे सो बावरा ,क्या उमर हमारी।
असंख युग प्रय गई , तब के ब्रह्मचारी।

कबके भये वैरागी ,
कबीर सा कबके भये वैरागी।
नाथजी हम जबसे भये वैरागी ,
मेरी आदि अंत सुधलागि।

धुंधकार आदिको मेला ,
नहीं गुरु नहीं चेला।
जबका तो हम योग उपासा ,
तबका फिरो अकेला।
कबीर सा….

धरती नहीं जदकी टोपी दीना ,
ब्रह्मा नहीं जदका टीका।
िवशंकर सो योगी नहीं ,
जदका झोली सिक्का।
कबीर सा….

द्वापर की हम करी फावड़ी ,
त्रेता को हम दण्डा।
सतयुग मेरी फिरी दुहाई ,
कलयुग फिरो नौखण्डा।
कबीर सा….

गुरु के वचन साधु की संगत ,
अजर अमर घर पाया।
कहे कबीर सुनो गोरख जी ,
जब हम तत्व लखाया।
कबीर सा….

kabir bhajan lyrics in hindi video

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कबीरा कबसे भयो बैरागी bhajan hindi lyrics
भजन :- कबीर सा कबके भये वैरागी
गायक :- अर्जुन मुनिया

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