कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

अरे एक नर मुस्लिम दोय नर मुस्लिम,
मुस्लिम घणा घणा हुआ।
अल्लाह खुदा री खबर नी जानी,
गोडा रगड़ ने मुआ।
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।
थोड़ी समझ पकड़, मन सुआ,
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

एक नर नाई दोय नर नाई,
नाई घणा घणा हुआ।
सेन भगत री खबर नी जानी,
माथो रगड़ ने मुआ।
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।
थोड़ी समझ पकड़, मन सुआ,
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

एक नर माळी दोय नर माळी,
माळी घणा घणा हुआ।
संत लिखमोजी री खबर नी जानी,
कांदा रोप रोप मुआ।
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।
थोड़ी समझ पकड़, मन सुआ,
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

एक नर दरजी दोय नर दरजी,
दरजी घणा घणा हुआ।
छिपा पीपा री खबर नी जानी,
कपडो काट काट मुआ।
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।
थोड़ी समझ पकड़, मन सुआ,
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

एक नर रेगर दोय नर रेगर,
रेगर घणा घणा हुआ।
रविदासजी री खबर नी जानी,
खालडा बेच बेच मुआ।
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।
थोड़ी समझ पकड़, मन सुआ,
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

केवे कमाल सुनो भई संतो ,
साचा संत वे हुआ।
हरि नाम री डोरी पकडी ,
आवागमन नही हुआ।
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।
थोड़ी समझ पकड़, मन सुआ,
कबीर केवे भगती रा मारग झीणा।

मोइनुद्दीन मनचला के भजन video

भक्ति रा मार्ग झीना रे संतो bhakti ra marag jeena desi marwadi chetawani bhajan lyrics
राजस्थानी चेतावनी भजन लिरिक्स
भजन :- भगती रा मारग झीणा
गायक :- मोइनुद्दीन मनचला

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