करले नेक कमाई बन्दे छोड़ के सब कुछ जाना है

करले नेक कमाई बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है,
क्या लाया क्या ले गया जग से,
खाली हाथ ही जाना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

मात पिता से मुंह मोड़ा और,
पाप की गठरी ढोता है,
जिसने दिया तुझे जन्म वो तड़पे,
और तू चैन से सोता है,
माँ और बाप घुट घुट के रोए,
कैसा घोर ज़माना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

धन दौलत के जाल में उलझा,
पुण्य किया ना दान दिया,
रिश्ते नाते भूल गया और,
माया का अभिमान किया,
अब पछताए क्या मिले जब,
चिड़िया चुग गई दाना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

पापों को धोने गंगा गए पर,
मैल मनों में समाया है,
मुंह में राम बगल में छुरियाँ,
जग में यही कमाया है,
चार दिनों की ये जिन्दगानी,
फिर पंछी उड़ जाना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

झूठी काया झूठी माया,
इक दिन सब मिट जाएगा,
तेरा अपना कर्म ही आखिर,
तुझको पार लगाएगा,
मुट्ठी बांधे आने वाले,
हाथ पसारे जाना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

बीती जवानी आया बुढ़ापा,
प्रभु का ना कभी नाम लिया,
मोह माया में सब कुछ भूला,
पुण्य का ना कभी काम किया,
राम का नाम भव पार लगाए,
साथ यही बस जाना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

करले नेक कमाई बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है,
क्या लाया क्या ले गया जग से,
खाली हाथ ही जाना है,
करलें नेक कमाईं बन्दे,
छोड़ के सब कुछ जाना है।।

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