कर ले रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन भजन लिरिक्स

कर ले रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन,
मात पिता सा दूजा,
मात पिता सा दूजा नहीं कोई भगवन,
करलें रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन।।

मात पिता ने ये जीवन दिया है,
तेरी खुशी पे खुद को कुर्बा किया है,
पग पग संवारा तेरा,
पग पग संवारा तेरा प्यारा सा बचपन,
करलें रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन।।

उंगली पकड़ तुझे चलना सिखाया,
अच्छे कर्मों में ढलना सिखाया,
तुझपे लुटाया जिसने,
तुझपे लुटाया जिसने अपना ये तन मन,
करलें रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन।।

सदा था तू जिनकी आँखों का तारा,
उनके बुढ़ापे का बन जा सहारा,
‘अंकुश ‘ इनकी सेवा से,
‘अंकुश ‘ इनकी सेवा से धन्य है जीवन,
करलें रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन।।

कर ले रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन,
मात पिता सा दूजा,
मात पिता सा दूजा नहीं कोई भगवन,
करलें रे मन सच्चे प्रभु का तू वंदन।।

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