कळश मांहि कळा नेजे रे माँहि नूर भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
हालो हरजी देव रे , और परचो रामापीर ।
दुखियाँ ने सुखिया करे , बाबो साजा करे शरीर ॥

कळश मांहि कळा ,
नेजे रे माँहि नूर ।
देवरा में ऊभो बाबो ,
हाथ रो हुजूर ,
जियो पीरां जियो रे ।।

भाखर मसूरिये ,
गुंसाई जी रो धाम ।
जातरू आवे बाबा ,
घोड़ा री घमसाण ॥
कळश मांहि कळा…..

पाँच पीपलियाँ रोपी ,
पाँचू मक्का रा पीर ।
चौपड़ खेले बाई ,
सुगणा रो बीर ।
कळश मांहि कळा…..

राम सरोवर पाळ माथे ,
मीठा बोले मोर ।
जातरू आवे ओ बाबा ,
नेजा वाळी डोर ।।
कळश मांहि कळा…..

लुम्बड़िया नारळ चादूं ,
पावड़ियाँ री नाळ ।
दोय कर जोड़ बोले ,
मानो मेघवाळ ।
कळश मांहि कळा…..

कळश मांहि कळा नेजे रे माँहि नूर , kalash mai kala neje re mai nur bhajan , baba ramdev ji bhajan, ramdev ji ka bhajan, marwadi desi bhajan

This Post Has One Comment

Leave a Reply