कहाँ से आया कहाँ जाओगे भजन लिरिक्स | kaha se aaya kahan jaoge lyrics

।। दोहा ।।
आया एक ही घाट से न उतरे एक ही बाट।
बीच मे दुविधा पड गई – हो गए बारा बाट।

हिन्दू कहु तो हु नही , मुसलमान भी नाय।
के दीन दोनो मायने ,खेलु दोनो माय।

कहा से आया कहा जाओगे ,
खबर करो अपने तन की।
सतगुरू मीले तो भेद बतावे ,
खुल जावे अंतर खीडकी ।

अरे हिन्दू मुस्लिम दोनों भूलाने ,
खटपट माय रहा अटकी।
जोगी जंगल लेके सेवरा ,
लालच माय रहा भटकी।
कहा से आया …..

काजी बेटा कुरान बाचे ,
जमी जोर वो कर कटकी।
हरदम साहिब नहीं पहचाना ,
पकड़ा मुर्गी दे पटकी।
कहा से आया …..

बार बेटा ध्यान लगावे ,
भीतर सूरता रही भटकी।
बाहर बंदा अंदर गंदा ,
भीतर मछली दहे गटकी।
कहा से आया …..

माला मुद्रा तिलक छापा ,
तीरथ वरथ रहा अटकी।
गावे बजावे लोग रीजावे ,
खबर नही अपने तन की।
कहा से आया …..

बीना विवेक ये गीता बाचे ,
चेतन को लगी नही चटकी।
कहे कबीर सुनो भाई साधु ,
आवागमन में रया भटकी।
कहा से आया …..

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खबर करो अपने तन की bhajan hindi lyrics
भजन :- कहां से आया कहां जाओगे
गायक :- प्रहलाद टिपान्या

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