काली कंकाली कालका हो मां भजन भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सातों सबद जू बाजते घरि घरि होते राग ।
ते मंदिर खाली परे बैसन लागे काग ॥

काली कंकाली मैया ,
शक्ति भवानी रे ।
अरे दायोडी भुजा पर ,
भेरू खेले हो माँ। २

आगे तो आगे भेरू,
डमरू बजावे रे ।
लारे लारे मैया चली
आवे ओ नाथ । २
काली कंकाली मैया ,
शक्ति भवानी रे ।
अरे दायोडी भुजा पर ,
भेरू खेले हो माँ। २

साची बतावा राजा ,
डर थारो लागे रे।
झूठ मासु बोलियों
कोणी जावे राज। २
काली कंकाली मैया ,
शक्ति भवानी रे ।
अरे दायोडी भुजा पर ,
भेरू खेले हो माँ। २

गंगा तट पे भुत लाग जा,
भक्तो का मन धाम है।
समसानो के वासी है ये ,
सारे जग में नाम है।२
काली कंकाली मैया ,
शक्ति भवानी रे ।
अरे दायोडी भुजा पर ,
भेरू खेले हो माँ। २

के बतलावा राजा ,
के बतलावा राजा रे ।
दान तो में थासु लेबा
आई ओ राज। २
थारो तो शीश रानी ,
मैया ने देवो।
दुनिया माई नाम थारो
होसी ओ राज। २
काली कंकाली मैया ,
शक्ति भवानी रे ।
अरे दायोडी भुजा पर ,
भेरू खेले हो माँ। २

काली कंकाली कालका हो मां भजन kali kankali maiya bhajan, koushlya ramawat bhajan

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