क्यों सताए मुझे क्यों रुलाये मुझे भजन लिरिक्स

क्यों सताए मुझे,
क्यों रुलाये मुझे,
इतना तो बोल दे मोहन,
चुप क्यों है बोल दे मोहन,
क्यों सताये मुझे।।

इतना बेदर्द क्यों,
हो गया है तू,
अब तू बोल ज़रा,
किस से जाके कहूं,
इतना दर्द मिला,
मैं सहूँ कैसे,
अब तो सुन भी ले मोहन,
चुप क्यों है बोल दे मोहन,
चुप क्यों है बोल दे मोहन,
क्यों सताये मुझे।।

सबके तो सामने,
मैं तो हंसती रही,
आंसू आँखों में,
अपने छिपाती रही,
अब तो आंसू मेरे रुके ना रुके,
इनको तू देख ले मोहन,
चुप क्यों है बोल दे मोहन,
क्यों सताये मुझे।।

हर किसी से जिसे,
मैं छिपाती रही,
पर सांवरिया तुझको,
बताती रही,
अब ‘शिखा’ ने जो दुःख सहा सांवरे,
उसको तू जान ले मोहन
चुप क्यों है बोल दे मोहन,
क्यों सताये मुझे।।

क्यों सताए मुझे,
क्यों रुलाये मुझे,
इतना तो बोल दे मोहन,
चुप क्यों है बोल दे मोहन,
क्यों सताये मुझे।।

कृष्ण भजन क्यों सताए मुझे क्यों रुलाये मुझे भजन लिरिक्स
तर्ज – जिंदगी बन गए हो तुम।

Leave a Reply