खेतेश्वर को जप ले प्राणी में समझाऊं घडी घडी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
ब्रह्मधाम आसोतरा में तो , सुन्दर बनियो धाम।
खेताराम जी इच्छा पुरे ,करे भगता रो काम।

आम की डाली कोयल बोले ,
बात बतावे खरी खरी।
खेतेश्वर को जपले प्राणी ,
में समझाऊ घडी घडी।

ब्रह्मधाम आसोतरा में ,
नर नारी रो मेलो है।
खेतेश्वर रो ध्यान धरो ,
हरदम थारे भेळो है।
गांव गांव और नगर नगर में ,
धूम मची है गली गली।
खेतेश्वर को जपले प्राणी ,
में समझाऊ घडी घडी। टेर।

धन दोलत सब उमर कमाणी ,
दोय घडी शुभ काम करो।
एडो अवसर हाथ नी आवे ,
चाहे जतन तमाम करो।
तन मन धन सब अर्पण कर दो ,
ब्रह्मधाम के आप धणी।
खेतेश्वर को जपले प्राणी ,
में समझाऊ घडी घडी। टेर।

आप बसे वैकुण्ठ धाम प्रभु ,
भगत पे आज मेहर करो।
ज्ञान ध्यान के तुम हो सागर ,
सुखी नदिया नीर भरो।
प्यासी बगिया में रस भर दो ,
हो जावे वो हरी भरी।
खेतेश्वर को जपले प्राणी ,
में समझाऊ घडी घडी। टेर।

ब्रह्मा स्वरूपी महावैरागी ,
खेतेश्वर तपधारी है।
आपके शरणे जो कोई आवे ,
नैया पार उतारी है।
दास हीरा पे किरपा कर दो ,
भक्त बनाई कड़ी कड़ी।
खेतेश्वर को जपले प्राणी ,
में समझाऊ घडी घडी। टेर।

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खेतेश्वर भजन in hindi lyrics
भजन :- खेतेश्वर को जपले प्राणी
गायक :- प्रकाश माली

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