गणपत गरवा ओंपरा रे भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सौ सौ चन्दा ऊगवे , सूरज तपे हजार ।
इतरा चानण होत भी , गुरु बिन घोर अंधार ।।

गणपत गरवा ओंपरा रे ,
सिंवरो भाई संतों ।
भव रे सागर में डूबता रे ,
पद अबके लादो ।
सतगुरु हेलो मारियो रे ,
सूतोड़ा जागो ।
शूरां पूरां रो खेलणो रे ,
कायर होय भागो ॥

नदी रे किनारे बैठणो रे ,
जळ पीणो ठाडो ।
वचन गुरां रो मानणो रे ,
पग धरणो आगो ।।
सतगुरु हेलो मारियो रे ,
सूतोड़ा जागो ।
शूरां पूरां रो खेलणो रे ,
कायर होय भागो ॥
गणपत गरवा। …..

बीज खेतर में वावणो रे ,
खारस मत वावो ।
किदोड़ी कमाई आडी आवसी रे ,
गाडा भर लावो ॥
सतगुरु हेलो मारियो रे ,
सूतोड़ा जागो ।
शूरां पूरां रो खेलणो रे ,
कायर होय भागो ॥
गणपत गरवा। …

हिरला बणजो हेत रा ओ ,
हंस दावण हालो ।
मोती समंदा नीपजे रे ,
हंसला रो ठावो ॥
सतगुरु हेलो मारियो रे ,
सूतोड़ा जागो ।
शूरां पूरां रो खेलणो रे ,
कायर होय भागो ॥
गणपत गरवा। …

धरमीदास जग हेरियो रे ,
एतबारो आयो ।
केवू दीवाना रे देश री ओ ,
झूठी मत जाणो ॥
सतगुरु हेलो मारियो रे ,
सूतोड़ा जागो ।
शूरां पूरां रो खेलणो रे ,
कायर होय भागो ॥
गणपत गरवा। …

गणपत गरवा ओंपरा रे satguru helo mariyo re. ganpati garva opera re. prakash mali bhajan. satguru bhajan

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