गुरासा शरण आपरी आया भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
संत समागम हरि कथा , तुलसी दुर्लभ दोई।
सूतधारा और लक्मी , पापी के भी होई।

गुरासा शरण आपरी आया .
शरणों में आया बहुत सुख पाया,
मिट गया जमड़ा रा दाया।
गुरासा शरण आपरी आया।

ओ मन मारो काग स्वरूपी ,
अवगुण बहुत भराया ।
सतगुरु स्वामी हंस बणाया ,
मेहरा मे मोती पाया।।
गुरासा शरण आपरी आया।
शरणे आया ….

सूरता मारी थी नखराली ,
फिर फिर गोता खाया ।
सतगुरु बॉण शब्द रा वाया ,
नुरता निशान घुराया ।।
गुरासा शरण आपरी आया।
शरणे आया ….

अब मारी सुरता लागी राम से ,
तारो तार मिलाया।
आठों पौर अमिरस बरसे ,
पीवत प्यास बुझाया।
गुरासा शरण आपरी आया।
शरणे आया ….

वेगम वाणी ग़म कर जाणी ,
आत्मा मे ओल्खाया!
जीव शीव ने एक घर लाया ,
हेमनाथ गुण गाया ।
गुरासा शरण आपरी आया।
शरणे आया ….

प्रकाश माली के भजन | satguru bhajan lyrics with video

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भजन : -गुरासा शरणे आपरी आया
गायक :- प्रकाश माली

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