गुरु दाता मारो अब करो जन्म सुधारो भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
गुरु देवन के देव हो , आप बड़े जगदी
बेड़ी भवज बिच में , गुरु तारो विशवाविश।

में कोनी भूलूला गुण थारो वो ,
गुरा सा मारो अब ,
परो जनम सुधारो।

लख चौरासी में गणो दुःख पायो ,
में धर धर पशु अवतारों।
धुप छाव मतो सही गणेरी ,
मारो दुःख परो जितवारो।
गुरा सा मारो। …..

गुरु बिना सहाय करे कुण जीव री ,
फिरत फिरो हजारो।
बैकुण्ठा सु पाछा भेजिया ,
नारद सुखदेव प्यारो।
गुरा सा मारो। …..

गुरु बिना ज्ञानी ध्यान सब झूठो ,
झूठो जी जग संसारो।
पति बिना नारी किसोपती पावे ,
विधवा को केडो सिंगारो।
गुरा सा मारो। …..

राम मिलन री राह बताओ ,
में तो जी भरम अतारो।
आप गुरासा मारो पर उपकारी ,
मारो अवगुण परो छिनवावो।
गुरा सा मारो। …..

बार बार मारी आई विनती ,
थे अजी सुनो पुकारो।
दास केवण पर कृपा कीज्यो ,
मारे सिर पर पिंजरों डालो।
गुरा सा मारो। …..

में कोनी भूलूला गुण थारो वो ,
गुरा सा मारो अब ,
परो जनम सुधारो।

गुरु दाता मारो अब करो जन्म सुधारो भजन लिरिक्स guru ji maro janam sudharo mahendra singh bhajan

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