गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सो सो चंदा उगवे , सूरज तपे हजार।
इतरा चानण होत भी , गुरु बिन घोर अंधार।

कायर जिवडो कोपे मन मायलो ,
सिर पर हाथ धरो रे।
गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो।

लख चौरासी भटकत भटकत ,
नवी नवी जूण धरो रे।
अब के आयो शरणे आपरे ,
अब कोई कोप करो रे।
गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो।

डरियोडा जिव ने धीरप कर राखो ,
पल में पार करो रे।
आप बिना चौरासी कुण मेटे ,
करोड़ उपाय करो रे।
गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो।

पारस देख लोहा रो मन ललसे ,
करमो रो किट जरो रे।
तावे ने सोनो करो सोलमो ,
कंचन माल करो रे।
गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो।

रामानंद रिपोट लिख दिनी ,
दुर्ग में पेश करो रे।
कहे कबीर सुनो साधु भाई ,
भवसागर पार करो रे।
गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो।

lalit prajapat ke bhajan Music video Song

गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो भजन, Gurasa Ab Thodi Mehar Karo Re guru mahima bhajan lyrics in hindi
सतगुरु जी के भजन हिंदी में
गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो
भजन :- गुरूसा अब थोड़ी मेहर करो
गायक :- ललित प्रजापत

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