घर में रागी घर में वैरागी भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
तुसी इस संसार में, भांति भांति के लोग।
सबसे हस मिल बोलिए, नदी नाव संजोग।

घर में रागी घर में वैरागी,
घर घर गावन वाला।
कलयुग री आ छाया पड़ी है ,
कुण नुगरो ने वर्जन वाला।

गुरु मुख ज्ञानी जगत में थोड़ा,
मन मुख मुंड कियोड़ा रे।
ज्ञान गति री मति नही जाने ,
बन बैठा पुरुष दीवाना ओ जी
घर में रागी …..

नावे धोवे तिलक लगावे ,
नित् मंदिर जावण वाला ओ।
निज मन्दिर री गति नही जाने,
गले जनेऊ री माला ओ जी।
घर में रागी …..

वे पेर भगवान् रिजावे ,
घरे जोगियो रा वाना ओ।
नेती धोती री खबर नही जाने ,
लम्बे बालो वाळा ओ जी।
घर में रागी …..

बाल राख ने मोड़ा चाले ,
पंच केश नही ध्याता रे ।
पांच तत्व री सार नही जाने,
नित निम् नहवाण वाला ओ जी।
घर में रागी …..

भुरनाथ अडवन्का जोगी,
सिद काजल वसवाला।
गुरु कानजी सिमरत मिलिया,
फेरे थोरी माला ओ जी।

घर में रागी घर में वैरागी,
घर घर गावन वाला ओ।
कलयुग री आ छाया पड़ी है
कुन नुगरोने वर्जन वाला ओ जी ।

जोग भारती के भजन video

घर में रागी घर में वैरागी Ghar Main Ragi Ghar Main Vairagi rajasthani chetawani bhajan lyrics
मारवाड़ी चेतावनी भजन लिरिक्स
भजन :- घर में रागी घर में वैरागी
गायक :- जोग भारती

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