जगत में जीवन है दिन चार भजन लिरिक्स | jagat me jeevan hai din char bhajan Lyrics

।। दोहा ।।
सात गुरु संसार में , सेवक सब संसार।
सतगुरु सोई जानिये , भव जल तारे पार।

जगत में जीवन है दिन चार।
सुकृत कर हरिनाम सुमर ले ,
मानुष जनम सुधार।

सत्य धर्म से करो कमाई ,
भोगो सुख संसार।
मात पिता गुरु जन की सेवा ,
कीजो पर उपकार।
जगत में …

पशु पक्षी नर सब जीवन में ,
ईश्वर अंश निहार।
द्वेषभाव मन से बिसरावो ,
सब से प्रेम व्यवहार।
जगत में …

सकल जगत में अंदर बाहर ,
पूरण ब्रह्म अपार।
सतचित आनंद रूप पहचानो ,
कर सत्संग विचार।
जगत में …

यह संसार स्वपन की माया ,
ममता मोह निबार।
ब्रह्मानंद तोड़ भव बंधन ,
पावो मोक्ष द्वार।
जगत में …

देसी भजन संतवाणी video

जगत में जीवन है दिन चार भजन लिरिक्स
जगत में जीवन है दिन चार भजन jagat me jeevan hai din char kabir chetavani bhajan
जगत में जीवन है दिन चार भजन hindi lyrics
भजन :- जगत में जीवन है दिन चार
गायक :- हरिओम चैतन्या

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