जग ने मुझको ठुकराया मैं श्याम शरण तेरी आया लिरिक्स

जग ने मुझको ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया,
सबकुछ दुनिया ने लुटा,
पतवार तुम्हे ही बनाया,
जग ने मुझकों ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया।।

करो याद वो कथा पुरानी,
जब अबला नारी तारी,
चौपर में हार गई तो,
कन्हैया कन्हैया पुकारी,
दिनों के नाथ तुम्ही हो,
तो आके चिर थमाया,
सबकुछ दुनिया ने लुटा,
पतवार तुम्हे ही बनाया,
जग ने मुझकों ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया।।

क्या श्याम तेरी ये माया,
तेरा खेल समझ ना पाए,
क्या रिश्ता सुदामा का था,
मेरा चिंतन मन ये गाये,
पहले तुमने ली परीक्षा,
फिर उसको गले लगाया,
सबकुछ दुनिया ने लुटा,
पतवार तुम्हे ही बनाया,
जग ने मुझकों ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया।।

ऐसे मोड़ पे आज खड़े है,
अब किससे नाता जोड़े,
पल पल है ये तन्हाई,
बाबा तुमसे प्रीत है जोड़े,
हुई भोर यूँ ‘सज्जन’ बोला,
कण कण में श्याम समाया,
सबकुछ दुनिया ने लुटा,
पतवार तुम्हे ही बनाया,
जग ने मुझकों ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया।।

जग ने मुझको ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया,
सबकुछ दुनिया ने लुटा,
पतवार तुम्हे ही बनाया,
जग ने मुझकों ठुकराया,
मैं श्याम शरण तेरी आया।।

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