जाग जाग मेरी गंगा मैया भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
उधम किया कुछ न मिले ,मिले पुर्बलों बाग़।
उधम कीनो नुगरो , आगे कालो नाग।

दुनियाँ दर्शण आई जी ,
दुनियाँ दर्शण आई जी ।
जाग – जाग मेरी गंगा माँई ,
दुनियाँ दर्शण आई जी ॥
जाग – जाग मेरी गंगा माँई जी ॥

राम जागे लक्ष्मण जी जागे ,
जागी सीता माँई जी ।
हाँक देत हनुमत जागे ,
जागे चारू भाई जी ॥
जाग – जाग मेरी गंगा माँई जी ॥

ब्रह्मा जागे विष्णु जागे जी ,
जागे शंकर देवा जी ।
बड़े – बड़े जोगी सब जागे ,
सुरत भजन में लागी जी ॥
जाग – जाग मेरी गंगा माँई जी ॥

धुव्र जागे प्रहलाद भी जागे जी ,
जागे सजन कसाई जी ।
सुआ पढ़ावत गणिका जागी ,
जागी मीरा बाई जी ॥
जाग – जाग मेरी गंगा माँई जी ॥

ब्रह्म कमण्ड सु गंगा निकली ,
हरि की पेड़ी आई जी ।
दोय कर जोड़ भागीरथ बोले ,
धिन – धिन गंगा माँई जी ।
जाग – जाग मेरी गंगा माँई जी ॥

देसी भजन मारवाड़ी Video

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भजन :- जाग – जाग मेरी गंगा माई
गायक :- ओम वैष्णव

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