जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना भजन लिरिक्स

Jitni Chabi Bhari Ram Ne Utna Chale Khilona Bhajan Lyrics

जीवन मौत का खेल है पगले क्या रोना क्या धोना
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना
रोते-रोते हंसना सीखो हंसते हंसते रोना

ऋषि मुनि क्या योगी ध्यानी और क्या पीर पैगंबर
खाली हाथ यहां से लौटे दारा और सिकंदर
साथ किसी के नहीं गया है यह चांदी और सोना
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना
रोते रोते हंसना सीखो.

जिस दिन टूटेगी तेरी सांसों की जंजीरे
काम नहीं आएगी तेरी धरी रहे जागीरे
मौत के आगे चला न जग में किसी का जादू टोना
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना
रोते रोते हंसना सीखो…

कोठी बंगले और मकान तेरी ये धन दौलत
पल दो पल की तेरी इज्जत पल दो पल की शोहरत
आज जो पाया तूने जग में कल पड़ेगा खोना
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना
रोते रोते हंसना सीखो…

जीवन मौत का खेल है पगली क्या रोना क्या धोना
जितनी चाबी भरी राम ने उतना चले खिलौना
रोते-रोते हंसना सीखो हंसते-हंसते रोना

Jitni Chabi Bhari Ram Ne Utna Chale Khilona Bhajan Lyrics Youtube Video

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