जिसे होना है मालामाल और खुशहाल रामदेवजी भजन

जिसे होना है मालामाल और खुशहाल,
दोहा- रामा कहू के रामदेव,
हिरा कहू के लाल,
ज्याने मिलिया बाबा रामदेव,
तो वाने कीन्हा निहाल।।

जिसे होना है मालामाल और खुशहाल,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे,
जिसे रामदेव बाबा से है प्यार,
और प्यारा लगे दरबार,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे।।

बाबा रामदेव जी है पर उपकारी,
पीरो के है पीर बाबा कृष्ण अवतारी,
जिसे होना है जग मे निहाल,
और पाना है उँची शान,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे।।

मैनादे का लाल राजा,
अजमल का दुलारा,
बीरमदेव का वीर बाई,
सुगणा का प्यारा,
जिसकी डुब रही मझधार,
और होना है भव से पार,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे।।

‘दीपक’ कहे मै हुं किस्मत वाला,
रामदेबाबा है मेरा रखवाला,
सिरपे धरना है इनका हाथ,
और पान है इनका साथ,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे।।

जिसे होना है मालामाल और खुशहाल,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे,
जिसे रामदेव बाबा से है प्यार,
और प्यारा लगे दरबार,
वो हाथों को उपर करे,
के जय रामापीर कहे।।

राजस्थानी भजन जिसे होना है मालामाल और खुशहाल रामदेवजी भजन

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