जिस भजन में राम का नाम ना हो लिरिक्स

।दोहा।।
मात पिता परमात्मा , पति सेवा गुरु ज्ञान।
इनसे हि मिल चालिए , वही नर चतुर सूजान।।

जिस भजन में राम का नाम ना हो।
उस भजन को गाना ना चाहिए।

चाहे बेटा कितना अच्छा हो।
उसे सिर पे चढ़ाना ना चाहिए।
चाहे बेटी कितनी प्यारी हो।
उसे घर -घर में घूमना ना चाहिए।
जिस भजन में राम का नाम ना हो।
उस भजन को गाना ना चाहिए।

जिस माँ ने तुमको जन्म दिया।
दिल उसका दुखाना ना चाहिए।
जिस पिता ने तुमको पाला है।
उसे कभी सताना ना चाहिए।
जिस भजन में राम का नाम ना हो
उस भजन को गाना ना चाहिए।

चाहे पत्नी कितनी प्यारी हो।
उसे भेद बताना ना चाहिए।
चाहे भाई कितना बैरी हो।
उससे राज छिपाना ना चाहिए।
जिस भजन में राम का नाम ना हो।
उस भजन को गाना ना चाहिए।

चाहे गरीबी कितनी आ जाये।
हरी को भुलाना ना चाहिए।
चाहे अमीरी कितनी आ जाये।
अभिमान दिखाना ना चाहिए।
जिस भजन में राम का नाम ना हो।
उस भजन को गाना ना चाहिए।

जिस भजन में राम का नाम ना हो लिरिक्स jis bhajan me ram ka naam na ho

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