जिस माला में राम नहीं वो माला किस काम की भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
दया धर्म का मूल है , पाप मूल अभिमान |
तुलसी दया न छांड़िए ,जब लग घट में प्राण।

जिस माला में राम नहीं ,
वो माला किस काम की।
भजले मनवा शाम सवेरे ,
एक माला हरी नाम की।

ये संसार कागज की पुड़िया ,
बूंद पड्या गल जाएगी।
तेरी मेरी छोड़ बावले ,
धुन लगा हरी नाम की।
जिस माला …..

नैन दिए दर्शन करने को ,
कान दिए सुण ज्ञान रे।
जीभ दी हरी गुण गाने को ,
बोलो सियावर राम की।
जिस माला …..

पवन गणिका गिद्ध अजामिल ,
तर गये हरी नाम से।
ध्रुव तारे प्रहलाद उबारे ,
जय हो कृपा निधान की।
जिस माला …..

ram ji ke bhajan lyrics | मारवाड़ी देसी भजन video

जिस माला में राम नहीं वो माला किस काम की भजन jis mala me ram nahi lyrics राम जी के भजन लिरिक्स
राम जी के भजन लिरिक्स in Hindi
भजन :- जिस माला में राम नहीं
गायक :- पवन जी सहल

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