जुलनी पे सेठ संवारा जुलबाने जावे सा भजन लिरिक्स

अरे जुलनी पे सेठ संवारा ,
जुलबाने जावे सा।
कोई रंग गुलाल उड़ावे,
जी मेला में। २

चांदी के भेवाण में बिराजे,
ठाकुर मुरली वालो सा
कोई मुरली मधुर बजावे ,
जी मेला में। २
कोई रंग गुलाल उड़ावे ,
जी मेला में। …….
अरे जुलनी पे सेठ संवारा ,
जुलबाने जावे सा।
कोई रंग गुलाल उड़ावे,
जी मेला में। २

सोना चांदी छड़ी येतो ,
हाथा में ले चाले सा।
कोई रंग गुलाल उड़ावे ,
जी मेला में….
अरे जुलनी पे सेठ संवारा ,
जुलबाने जावे सा।
कोई रंग गुलाल उड़ावे,
जी मेला में। २

मण्डपिया वाला सेठ सांवरा ,
गणो भरोसो भारी जी।
कोई बिगडिया काम ,
सुधारे जी भक्ता का। २
कोई रंग गुलाल उड़ावे ,
जी मेला में। …….
अरे जुलनी पे सेठ संवारा ,
जुलबाने जावे सा।
कोई रंग गुलाल उड़ावे,
जी मेला में। २

सरवरिया पे जावे सवारी,
ठंडो ठंडो पाणी सा।
ओ मारा गिरधर जल में ,
नावे सा मंडपिया में
कोई रंग गुलाल उड़ावे,
जी मेला में। …….
अरे जुलनी पे सेठ संवारा ,
जुलबाने जावे सा।
कोई रंग गुलाल उड़ावे,
जी मेला में। २

जुलनी पे सेठ संवारा जुलबाने जावे सा julni pe seth sanwara julba ne jave sa bhajan, sanwariya ji bhajan
~ जुलनी पे सेठ संवारा ~

Leave a Reply