जो मन में ध्यान धरे आईजी रो अति आनंद पावे

जो मन में ध्यान धरे आईजी रो,

दोहा – इन कलयुग रे मायने,
ओर प्रत्यक्ष चमत्कार,
जीडीमेटला बडेर मे,
ए परचा पडे रे अपार,
हैदराबाद रे मायने,
ओर म्हारी आई माता रो धाम,
जीडीमेटला मन्दिर आई माता,
ए सारे सबरा काज।

जो मन में ध्यान धरे आईजी रो,
अति आनंद पावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

आई माता री मूर्ति प्यारी,
संग खेतल भैरव बिराजे,
आई माता री मूर्ति प्यारी,
संग खेतल भैरव बिराजे,
वीर बली हनुमान साथ,
भगता की आस पुरावे,
सांझ सवेरे होवे आरती,
ओ सांझ सवेरे होवे आरती,
भगत घणा हर्षावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

राधा कृष्ण संग आईजी बिराजे,
मूर्ति अति मन भावे,
राधा कृष्ण संग आईजी बिराजे,
मूर्ति अति मन भावे,
पूजारी मूरत के ऊपर,
पंखा वाव ढुलावे,
भगत करे जयकारा आई रा,
ओ भगत करे जयकारा आई रा,
सखीया मंगल गावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

जोधाणा रो चित्र पत्थर,
शोभा इनरी बढावे,
जोधाणा रो चित्र पत्थर,
शोभा इनरी बढावे,
ध्वजा उडे असमान बडेर मे,
चौदस खुशीयां छावे,
आई भगता पर मेहर करे माँ,
ओ आई भगता पर मेहर करे माँ,
बीज को रोज बढावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

चमत्कार अटे खूब दिखाया,
भगत सगला बतावे,
चमत्कार अटे खूब दिखाया,
भगत सगला बतावे,
धर्म सभा अटे हर दिन चाले,
देखी राय बतावे,
कथा मायरो नैनीबाई को,
ओ कथा मायरो नैनीबाई को,
भगत अटे करवावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

साईकिल यात्रा चाली अटा सु,
नगर बिलाड़ा जावे,
साईकिल यात्रा चाली अटा सु,
नगर बिलाड़ा जावे,
हेमाराम पंवार मुलेवा,
सुजाराम री यादे,
भगत यादें पूरी किनी,
ओ भगत यादे पूरी किनी,
सगला मिलके साथे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

भादवी बीज रो मेलो लागे,
माँ प्रसादी पावे,
भादवी बीज रो मेलो लागे,
माँ प्रसादी पावे,
आई अनुयायी सगला बंधु,
आ प्रसादी पावे,
लखन चौधरी किशोर सुमन,
ओ लखन चौधरी किशोर सुमन,
श्याम पालीवाल” गावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

जो मन में ध्यान धरे आईजी रो,
अति आनंद पावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे,
जीडीमेटला बडेर के माय,
आई माँ अमृत रस पावे।।

राजस्थानी भजन जो मन में ध्यान धरे आईजी रो अति आनंद पावे

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