तारण तरण अभय पद दाता भजन लिरिक्स | taran taran abhay pat data bhajan lyrics

।। दोहा ।।
सो सो चन्दा उगवे ,सूरज तपे हजार।
इतरा चानण होत भी ,गुरु बिन घोर अंधार।

तारण तरण अभय पत दाता ,
आप स्वामी हम दासा।
गुरूसा माने आपरी आसा जी ,

बाजीगर ने खेल रचाया ,
नेना किया तमाशा।
जल की बुन्द का पीन्ड बणाया ,
भीतर भरदीया स्वासा जी ,
तारण तीरण …..

देहे मे रोम रोम मे चमड़ी ,
चमड़ी धरया मासा।
हाड मे मास मास बुज है ,
बुज बुंद परकासा जी ,
तारण तीरण …..

दही मे पवन पवन मे प्राण हे ,
प्राणो मे पुरस नीवासा।
बोले आप ओर नही दुजा ,
प्रेम पुरस प्रकासा जी ,
तारण तीरण …..

घट घट मे बस आप ही बोले ,
ओर नही कोई दुजा।
कहे मछीन्दर सुण जती गोरख ,
मन धरया वीसवासा जी ,
तारण तीरण …..

satguru ji ke bhajan | गुरु महिमा भजन video

तारण तरण अभय पद दाता taran taran abhay pat data गुरु महिमा भजन सतगुरु भजन लिरिक्स इन हिंदी satguru ji ke bhajan
सतगुरु भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- तारण तरण अभय पत दाता
गायक :- जमना शंकर जी

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