थारो मनक जमारो बार बार नहीं आवणो रे भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कबीर इस संसार में , कई गग्गू कई डोड।
ना मरने रो डर है , और ना तिरने रो कोड।

बीरा थारो मनक जमारो ,
बार बार नहीं आवणो रे।
बीरा थारो धन जोबन परिवार ,
दोई दिन पावणो रे।

क का , करम सुधारो थारो ,
ख खा , खोवो ना विरथ जमारो ,
ग गा , गर्व ना दिल में धारो।
घ घा , घोर करो घट माय ,
एक दिन जावणो रे।
बीरा थारो …..

च चा ,चतुर बनो नर नारी ,
छ छा ,छल ने तज सारी ,
ज जा ,जसली जोथे भारी।
झ झा ,झूठो यो संसार ,
मन बेलावणो रे।
बीरा थारो …..

ट टा ,टेक राखजो थारी ,
ठ ठा ,ठगनी तज दो सारी ,
ड डा ,डोल मती मतवारी।
ढ ढा ,ढली जवानी जाय ,
फिर पछतावणो रे।
बीरा थारो …..

त ता ,तरवर सैती काया ,
थ था ,थिरणी थारी माया ,
द दा ,दिल में दाग लगाया।
ध धा ,धर्म पे चल ना पाया ,
न ना ,नीच कर्म कर आप ,
घोर नरक जावणो रे।
बीरा थारो …..

प पा ,प्रेम रखो सब प्राणी ,
फ फा ,फेल फिजूल फैलाणी ,
ब बा ,बोलो अमृत वाणी ,
भ भा ,भूल्यो भॅवर सुजाणी ,
म मा ,मोह माया ने छोड़ ,
अकेलो जावणो रे।
बीरा थारो …..

य या ,यह अवसर फिर नाई ,
र रा ,रखो राम घट माई ,
ल ला ,लक्मी जानो पराई ,
व् वा ,वास करो सुभ थोड़ ,
सुभ गति पावणो रे।
बीरा थारो …..

श शा शुभ कर्मो में लागो ,
ष षा षट पट ने थे त्यागो ,
स सा सत से दूर मत भागो ,
ह हा हाथ कमायो खानो ,
नहीं पछतावणो रे।
बीरा थारो …..

क्ष क्षा क्षत्रिय बड़ो बलकारी ,
त्र त्रा त्राय त्राय कर हारी ,
ज्ञ ज्ञा ज्ञान करो त्रिकाल ,
बुध समजावणो रे।

बीरा थारो मनक जमारो ,
बार बार नहीं आवणो रे।
बीरा थारो धन जोबन परिवार ,
दोई दिन पावणो रे।

sunita swami ke chetavani bhajan video

थारो मनक जमारो बार बार नहीं आवणो रे tharo manak jamaro bar bar nhi avano re sunita swami ke chetavani bhajan
के का भजन लिरिक्स इन हिंदी मनक जमारो बार बार नहीं आवणो
भजन :- मनक जमारो बार बार नहीं आवणो
गायिका :- सुनीता स्वामी

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