दरश दीवाने की सुन ले ओ बाबा पुकार भजन लिरिक्स

उमा लहरी भजन दरश दीवाने की सुन ले ओ बाबा पुकार भजन लिरिक्स
स्वर – उमा जी लहरी।
तर्ज – राम तेरी गंगा मैली।

दरश दीवाने की,
सुन ले ओ बाबा पुकार,
ओ खाटू वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार,
मुरली वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार।।

आजा ओ खाटू वाले,
मोहन मुरली वाले,
आजा ओ बंसी वाले,
ओ लिले घोड़े वाले।।

वीराने सुने अंगना,
तू ही करे बहार,
तू ही गले से लगाये,
खुशियाँ दे दे बेशुमार,
हारे का साथ दे के,
जीवन संवारता,
हारे का साथ दे के,
जीवन संवारता,
रोते हुए को तू हँसाए,
तेरी महिमा अपार,
ओ खाटू वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार,
मुरली वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार।।

आजा ओ खाटू वाले,
ओ मोहन मुरली वाले,
आजा ओ बंसी वाले,
ओ लिले घोड़े वाले।।

दर को ना छोडूं चाहे,
निकले ये दम मेरा,
तेरे सिवा दुनिया में,
कोई ना आसरा,
गाती फिर भी हूँ मैं,
तेरे ही गीत रे,
छोटी हूँ ना मैं जानू,
पूजा की रीत रे,
मौन यूँ बैठा क्यों है,
थोडा पसीज रे,
‘लहरी’ पुकारे बाबा,
तू सुनले पुकार,
दुनिया में दुश्मनों की,
दुनिया में दुश्मनों की,
कोई कमी नही,
फिर भी ना तू सुने तो,
जाऊं मैं किसके द्वार,
ओ खाटू वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार,
मुरली वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार।।

दरश दीवाने की,
सुन ले ओ बाबा पुकार,
ओ खाटू वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार,
मुरली वाले,
कब से खड़ी मै तेरे द्वार।।

आजा ओ खाटू वाले,
ओ मोहन मुरली वाले,
आजा ओ बंसी वाले,
ओ लिले घोड़े वाले।।

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