दिवाना तेरा आया बाबा तेरी नगरी में प्रकाश माली भजन लिरिक्स

दिवाना तेरा आया,
बाबा तेरी नगरी में,
नजराना दि का लाया रे बाबा,
नजराना दिल का लाया,
बाबा तेरी नगरी में

आते है तेरे दर पे,
दुनिया के नर और नारी,
मैं भी मंगता आया रे बाबा,
मैं भी मंगता आया,
बाबा तेरी नगरी में।।

मैं दीवाना, मैं दीवाना,
मैं दीवाना हो गया,
मैं दीवाना, दीवाना,
मस्ताना हो गया।।

तेरे दर पे सब बराबर,
कोई बड़ा ना छोटा,
झोली मैं खाली लाया रे बाबा,
झोली मैं खाली लाया,
बाबा तेरी नगरी में।।

मैं दीवाना, मैं दीवाना,
मैं दीवाना हो गया,
मैं दीवाना, दीवाना,
मस्ताना हो गया॥

रूणिचा छोड़ कर मैं,
कहीं और कैसे जाऊं,
सब कुछ है यहीं पाया रे बाबा,
बाबा तेरी िर्डी में॥
सब कुछ है यहीं पाया,
बाबा तेरी नगरी में।।

मैं दीवाना, मैं दीवाना,
मैं दीवाना हो गया,
मैं दीवाना, दीवाना,
मस्ताना हो गया॥

पिरो के पीर बाबा,
सारा जग तेरी सकलाई,
दीया प्रेम का जलाया रे बाबा,
दीया प्रेम का जलाया,
बाबा तेरी नगरी में।।

मैं दीवाना, मैं दीवाना,
मैं दीवाना हो गया,
मैं दीवाना, दीवाना,
मस्ताना हो गया॥

दिवाना तेरा आया,
बाबा तेरी नगरी में,
नजराना दिल का लाया रे बाबा,
नजराना दिल का लाया,
बाबा तेरी नगरी में।।

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