देखूं मैं जिधर तुम नज़र आते हो मुरली वाले भजन लिरिक्स

देखूं मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले,
मैंने तन मन अर्पण,
किया जीवन तेरे हवाले,
प्रेम का ये बंधन कान्हा,
टूट ना जाये इसे रखना संभाले,
देखूँ मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले।।

चंचल अदाए पागल बनाए,
नींद गंवाई मैंने चैन गंवाए,
मुस्कान प्यारी तेरी,
नैन काले काले केश घूंघर वाले,
देखूँ मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले।।

प्रेम तेरा मुझ पर बोल रहा चढ़कर,
तेरे ही ख्यालों में मैं रहती बेखबर,
फिरती रहूं खुद को तेरे,
सांचे में ढाले मुझे कौन संभाले,
देखूँ मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले।।

बन गई मैं जोगन प्रेम की रोगन,
महलों से प्यारा लागे मुझको श्यामधन,
श्याम नाम ओढ़ चुनरिया,
गाऊं मैं ‘कुंदन’ तू भी रटन लगा ले,
देखूँ मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले।।

देखूं मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले,
मैंने तन मन अर्पण,
किया जीवन तेरे हवाले,
प्रेम का ये बंधन कान्हा,
टूट ना जाये इसे रखना संभाले,
देखूँ मैं जिधर तुम नज़र,
आते हो मुरली वाले।।

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