धारा नगर रे चोंवटे भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
सतियाँ सत मत छोड़जो , सत छोड्यां पथ जाय ।
सत री बांधी लक्ष्मी , फेर मिळे ला आय ॥

धारा नगर रे ,
चोंवटे ओ राजा ,
हरी चन्द मांडी हाट ,
हाट वाळा ओ ।

कोई तो बेचे गैहूँ गेगरा रे राजा ,
हरी चन्द बेचे नेनो बाळ ,
लेवण वाळा ओ ।
जितरे माली रो बेटो आवियो रे राजा ,
कर थारे बाळकिया रो मोल ,
देवण वाळा ओ ।
रामजी दिरावे जको देवजो रे ,
देणो – देणो ब्राह्मण ने दान ,
देवण वाळा ओ ॥

कोई तो बेचे सोनो सोळमो ओ राजा ,
बेचे तारा मती नार ,
लेवण वाळा ओ ।
जितरे वेश्यरी लड़की आ गई ओ राजा ,
करे नी थारे राणी वाळो मोल ,
देवण वाळा ओ ।
सांवरियो दिरावे जको देवजो ओ ,
देणो म्हारे ब्राह्मण वाळो दान ,
देवण वाळा ओ ।

कोई तो बेचे महल माळिया ओ राजा ,
हरीचन्द बिकवाने जाय ,
लेवण वाळा ओ ।
जितने हरीजन रो बेटो आवियो ओ ,
करे नी थारे देही वाळो माल ,
देवण वाळा ओ ।
रामजी दिरावे जको देवजो ओ म्हारे ,
पूरो करणो ब्राह्मण वाळो दान ,
देवण वाळा ओ ॥

सत मत छोड़ो जुगरे माँयने ओ राजा ,
सत छोड्यां पथ जाय ,
बिकण वाला ओ ।
सतरी बाँधोड़ी देखो लक्ष्मी ओ भायां ,
फेर मिळे ला आय ,
देखण वाला ओ ॥

प्रकाश माली का भजन Video

धारा नगर रे चोंवटे dhara nagar re chovte, राजा हरिश्चंद्र का भजन, प्रकाश माली का भजन, मारवाड़ी भजन देसी
भजन :- धारा नगर रे चोंवटे ओ
गायक :- प्रकाश माली

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