धोळी – धोळी रे धजा फरूखे भजन लिरिक्स

धोळी – धोळी रे धजा फरूखे रे ,
धोरां धरती माँय ।
रामदेव बाबा रो मिन्दर ,
गाँव रूणीचा माय ॥

एक आसरो रामाधणी रो ,
इण कळजुग रे माँय ।
छोटा – मोटा सगळा ही ध्यावे ,
रामदेव रो नाम ।
साधु सन्त जगावे जमलो ,
सारी – सारी रात ।
धोळी – धोळी रे। ……

अजमल घर अवतार लियो ,
माँ मेणांदे रा लाल ।
भादरवे री दूज भरीजे ,
मेळो सालो साल ।
लीले घोड़े री असवारी ,
नेजो सोवे हाथ ।।
धोळी – धोळी रे। ……

भगतां रो रखवालो बाबो ,
रामदेव अवतारी ।
हेलो सुणतां हाजर आवे ,
लीले री असवारी ।
तीन लोक जस गावे जिणरो ,
न्यारी जग सु बात ।
धोळी – धोळी रे। ……

दास अशोक सुणावे बाबा ,
आयो थारे द्वार ।
नैया डग मग डोले म्हारी ,
एकर कर दो पार ।
निज मन में संतोष दिरावो ,
मेणांदे रा लाल ।।
धोळी – धोळी रे। ……

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