नखराली राधा यमुना पे जल भरे हिलोला लेय

भरे हिलोला लेय,
ओ राधा भरे हिलोला लेय,
नखराली राधा यमुना पे,
जल भरे हिलोला लेय।।

ईत यमुना उत गोकुल नगरी,
बीचे बरसानो धाम,
आती जाती गुजर्या सु,
मांगे दही को दान,
ओ नखराळी राधा यमुना पे,
जल भरे हिलो लेय।।

आदि नदी मे जूजलो रे,
आदि नदी मे किच,
साथ सख्या मिल रास रचावे,
मोहन वाके बिच,
ओ नखराळी राधा यमुना पे,
जल भरे हिलो लेय।।

मुकुंद रावल की विनती जी,
सूनजो कृष्णमुरार,
चरणा मे अर्जी करू जी,
जोडु दोनी हाथ,
ओ नखराळी राधा यमुना पे,
जल भरे हिलो लेय।।

भरे हिलोला लेय,
ओ राधा भरे हिलोला लेय,
नखराली राधा यमुना पे,
जल भरे हिलोला लेय।।

राजस्थानी भजन नखराली राधा यमुना पे जल भरे हिलोला लेय

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