नाकोड़ा के मंदिर में भक्त जो भी आता है भजन लिरिक्स

जैन भजन नाकोड़ा के मंदिर में भक्त जो भी आता है भजन लिरिक्स
गायक – दिलीप बाफना।
तर्ज – आदमी मुसाफिर है।

नाकोड़ा के मंदिर में,
भक्त जो भी आता है,
भेरूजी से रिश्ता वो,
पल में जोड़ जाता है।।

धाम नाकोड़ा का जग में निराला,
धाम नाकोड़ा का जग में निराला,
जाये जो भक्त वो है किस्मतवाला,
जाये जो भक्त वो है किस्मतवाला,
फिर वो धाम हर बार आता है,
नाकोड़ा के मंदिर मे,
भक्त जो भी आता है।।

घर घर में सेवा पूजा तुम्हारी,
घर घर में सेवा पूजा तुम्हारी,
तुमसे ही रोशन दुनिया हमारी,
तुमसे ही रोशन दुनिया हमारी,
इनकी शरण में जो जाता है,
नाकोड़ा के मंदिर मे,
भक्त जो भी आता है।।

नाकोड़ा के मंदिर में,
भक्त जो भी आता है,
भेरूजी से रिश्ता वो,
पल में जोड़ जाता है।।

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