नाथ अमली रे मारो शंकर अमली भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
शिव समान दाता नहीं , विपत विदारण हार।
लज्या मोरी राखियो , शिव नंदी के असवार।

नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।
बागां माँहिने भांगड़ली ,
घोटाय राखूली ।

काँई बोवू काशी जी में ,
काँई रे परयाग ।
काँई बोवू हर री पेड़ी ,
काँई रे कैलाश ।
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

काशी जी में केशर बोवू ,
चन्दन परयाग ।
हर री पेड़ी भांग बोवू ,
धतूरो कैलाश ।
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

काँई मांगे नांदियो ,
ने काँई रे गणेश ।
काँई मांगे भोळा शंभु ,
जोगियाँ रो वेश ।
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

दूबां मांगे नांदियो ने ,
मोदक गणेश ।
भांग मांगे भोळा शंभु ,
जोगियाँ रो वेश ॥
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

घोटे – घोटे नांदियो ने ,
छाणे रे गणेश ।
भर – भर प्याला गवरां देवे ,
पीवे है महेश ॥
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

हरी घास तो चरे नांदियो ,
बोले अमृतवाणी ।
महादेव री मरजी वे तो ,
बरसे पालर पाणी ।।
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

कोई चढ़ावे गंगा सागर ,
कोई काचो दूध ।
काई चाढ़े बिल्व पत्र ,
कोई तो भभूत ।
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

गावे सीखे सुणे साम्भळे ,
वैकुण्ठां रा वास ।
साँचे मन शिवजी ने ध्यावे ,
पूरे मनरी आस ॥
म्हारो नाथ अमली रे ,
म्हारो शंकर अमली ।

mahendra singh rathore bhajan Video

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भजन :- नाथ अमली रे म्हारो
गायक :- महेंद्र सिंह राठौड़

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