निंद्रा बेच दूं कोई ले तो लिरिक्स

।। दोहा ।।
अरे नींद निसाणी मोत की तो उठ कबीरा जाग।
और रसायन छोड़के तू एक राम रसायन राख।।

निंद्रा बेच दू कोई ले तो।
हा राम राम रेट तो ,
तेरो मायाजाल कटेलो। २
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।

भाव राख सत्संग में बैठो ,
जीत में राखो चेतो।
हा हाथ जोड़ चरना में लिपटयो। २
जे कोई संत मिले तो रे ,
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।
हा राम राम रेट तो ,
तेरो मायाजाल कटेलो। २
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।

भाई कीमण पाच बेच दु,
जे कोई ग्राहक हो तो।
हा पाचा पे संसार छोड़ दू।
राम रोकड़ा दे तो रे ,
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।
हा राम राम रेट तो ,
तेरो मायाजाल कटेलो। २
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।

में तो जाऊ राज द्वारे ,
के रसिया रस भोगी।
हा मारो तो लारो छोड़ बावळी
मे सा रमता जोगी ,
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।
हा राम राम रेट तो ,
तेरो मायाजाल कटेलो। २
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।

केवे भरतरी सुन ऐ निंद्रा ,
या ना तेरा बासा। २
हा में तो मारा गुरु चरना में।
राम मिलन की आसा ,
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।
हा राम राम रेट तो ,
तेरो मायाजाल कटेलो। २
निंद्रा बेच दू कोई ले तो।

निंद्रा बेच दूं कोई ले तो लिरिक्स Nindra Bech Du Koi le To bhajan, sanwarmal saini bhajan

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