नीच नीचता त्यागे कोनी | nich nichta tyage koni anil nagori bhajan Rajasthani hindi lyrics

नीच नीचता त्यागे कोनी। २कितना ही सत्कार करो।
काजल नाही सफ़ेद हिए,चाहे नीच को शीश हजार करो। २

निचे से जड़ काटन आला।मुख पर मीठी बात करे। २
धोखा देकर गला काट दे।डाव देखकर घात करे। २

मात पिता से करे लड़ाई।रोड खड़ा उत्पात करे। २
बिना बुलाये पर घर जाकर।मुख देखि पंचायत करे। २

बयमानो से बच कर रहना।कभी नहीं व्यावार करो। २
काजल नाही सफ़ेद हिए,चाहे नीच को शीश हजार करो। २

अपने आप बड़ाई करके।असली दोस छिपा लेते। २
दो आने के लालच में पड़ ।जूठा धर्म उठा लेते। २

मतलब होव जद पेट में पड़कर।धोका दे धन खा जाते। २
बिना मतलब से मुख नहीं बोले।अपनी नजर बचा लेते। २

दे विश्वास देगा दे जाते।कितना चाहे प्यार करू। २
काजल नाही सफ़ेद हिए,चाहे नीच को शीश हजार करो। २

मन में रखता बेईमानी रे ।ऊपर बात सफाई की। २
कपट फंद छल धोका देकर।नाड काट दे भाई की। २

बहन भानजी समझे नाही।ना ही साख जमाई की। २
मण भर दूध सकती।एक बून्द खटाई की। २

बाण कुबान दुस्त नहीं भागे।कितना चाहे प्यार करू। २
काजल नाही सफ़ेद हिए,चाहे नीच को शीश हजार करो। २

anil nagori ke bhajan | !!नीच नीचता त्यागे कोनी !! | भजन :- नीच नीचता त्यागे कोनी | गायक :- अनिल नागौरी

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