नुगरा रे मुख सु राम नहीं निकले भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
मात पीता परमात्मा , पति सेवा गुरु ज्ञान।
इनसे हिलमिल चालिये, वो नर चतुर सुजान।

नुगरा रे मुख सु राम नहीं निकले ,
केशर ढुळ गई गारा में ।
मोनखो जमारो एडो मत खोवो ,
सुकरत कर लो जमारा में ।

भैंस पदमणी ने हार पेरायो ,
आ काँहि समझे हारा में ।
ओढनी जाणे पेर नी जाणे ,
जनम गमायो गारा में ।
नुगरा रे मुख । …..

काँच रे महल में कुती सुलाई ,
रंग महल चौबारा में ।
एक काँच में दो दो कुतियाँ ,
भस भस मरगी जमारा में ।
नुगरा रे मुख । …..

हीरा ले मूरख ने दीना ,
दळवा बैठो सारां ने ।
हीरा री गत जोहरी जाणे ,
काँहि खबर गंवारां ने ॥
नुगरा रे मुख । …..

शील धरम तो आदू मारग ,
दया धरम तलवारां में ।
अमरनाथ सन्तों रे शरणे ,
जीत गयो जम द्वारा में ।
नुगरा रे मुख । …..

desi marwadi bhajan Video

नुगरा रे मुख सु राम नहीं निकले nugra re mukh su ram nahi nikle, जस्सू दास का भजन, nirguni bhajan lyrics, desi marwadi bhajan

Leave a Reply