परदा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी पूर्णिमा दीदी भजन

परदा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी,
परदा ना कर पूजारी,
दिखने दे राधा प्यारी,
मेरे पास वक्त कम है,
मेरे पास वक्त कम है,
और बातें है ढेर सारी,
पर्दा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी।।

कहने दे मुझको मेरे,
मन में जो चल रहा है,
इक आस के सहारे,
जीवन निकल रहा है,
बड़ी मुश्किलों को सहकर,
बड़ी मुश्किलों को सहकर,
आई है मेरी बारी,
पर्दा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी।।

जग ने जो तीर मारे,
मै थक के गिर पड़ी थी,
जब होश आई मुझको,
श्यामा सामने खड़ी थी,
फिर हाथ ऐसा थामा,
फिर हाथ ऐसा थामा,
चढ़ी नाम की खुमारी,
पर्दा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी।।

भव सिंधु में गिरी थी,
कैसे मुझे उबारा,
मै खुद नहीं हूँ आई,
इनका हुआ इशारा,
क्या क्या सुनाए तुमको,
क्या क्या सुनाए तुमको,
हरिदासी ये बिचारी,
पर्दा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी।।

परदा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी,
मेरे पास वक्त कम है,
मेरे पास वक्त कम है,
और बातें है ढेर सारी,
पर्दा ना कर पुजारी,
दिखने दे राधा प्यारी।।

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