पलके बिछाये खड़े द्वार सांवरे भजन लिरिक्स

पलके बिछाये खड़े द्वार सांवरे,
तेरे भक्तों को है इंतजार सांवरे,
पलके बिछाये खड़े द्वार साँवरे।।

चुन चुन कलियाँ तेरे लिए मैं,
बगिया से हूँ लाया,
बड़े चाव और बड़े भाव से,
दिल से तुझे सजाया,
तुम आकर तो देखो एक बार सांवरे,
तुम आकर तो देखो एक बार सांवरे,
पलके बिछाये खड़े द्वार साँवरे।।

श्याम धणी कुटिया में मेरी,
एक बार तो आओ,
प्रेम भाव का भोग ये मेरा,
आ कर भोग लगाओ,
मेरी विनती करो स्वीकार सांवरे,
मेरी विनती करो स्वीकार सांवरे,
पलके बिछाये खड़े द्वार साँवरे।।

तीन बाण के धारी जानु,
तू हारे का सहारा,
बालक तेरा ‘अनिल मित्तल’,
काहे श्याम बिसारा,
अपने बालक को देदो तुम प्यार सांवरे,
अपने बालक को देदो तुम प्यार सांवरे,
पलके बिछाये खड़े द्वार साँवरे।।

पलके बिछाये खड़े द्वार सांवरे,
तेरे भक्तों को है इंतजार सांवरे,
पलके बिछाये खड़े द्वार साँवरे।।

कृष्ण भजन पलके बिछाये खड़े द्वार सांवरे भजन लिरिक्स
तर्ज – पलको का घर तैयार।

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