पांडवा कलयुग आसी भारी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कलयुग आयो खूब जी ,एक एक रो बैरी।
भाव भक्ति जाणे नहीं , आख्या काढ़े कैरी।

कह गया कृष्ण मुरारी ,
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।

कलयुग कठिन पाप रो पेरो ,
नियम छोडेला नर नारी।
वरुण शंकर ज्यारे पुत्र जनमसी ,
होसी वंश ख़ुद्दारी।
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।
कह गया …..

बुद्धिहीन करम रा काचां,
कुळ मे गिण कवारी।
घोरम घोर कलजुग आसी,
होसी सब एकसारी।
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।
कह गया …..

देह का नैना अकल रा ओछा ,
चारो वर्ण मांसाहारी।
बायोडा बारे अन्न नहीं निपजे ,
काम कर कर हारी।
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।
कह गया …..

साध ब्राह्मण खेती करेला ,
भूखा मरेला भिखारी।
साध सती कोई बिरला होसी,
सब होसी घरबारी।
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।
कह गया …..

काना नहीं सुणियो नजरा नहीं देख्यो ,
पांडवा भली रे विचारी।
पांचो वीर द्रोपदी राणी ,
देह हिमालय गाली।
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।
कह गया …..

वेद पुराण विलोप हो जासी,
नीच घरा आचारी।
गंगा शिव रे मुकुट मे रहसी,
जयकांत करे रे पुकारी।
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।

कह गया कृष्ण मुरारी ,
वो पांडवा कलयुग आसी भारी।

पांडवों के भजन मारवाड़ी | sunita swami ke bhajan video

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चेतावनी भजन हिंदी लिरिक्स पांडवा कलयुग आसी भारी
भजन :- पांडवा कलयुग आसी भारी
गायिका :- सुनीता स्वामी

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